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लोहाखाम देवता

डंगरियों के आशीर्वचन

आषाढ़ में पहाड़-8

अगले दिन यानी ‘सिर-खुरी’ की सुबह से ही आंगन में महिलाएं बहुत बड़े घेरे में झूमते हुए भ्वैंनी गा रही थीं। उनमें …

डोला

आषाढ़ में पहाड़-7

पीछे-पीछे डंगरिए और लोगों की लंबी कतार और उनका जयकारा…लोहाखाम देवता की जै! गुरु गोरखनाथ की जै! भगवती मइया की जै! गांव …