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जगरिया

डंगरियों के आशीर्वचन

आषाढ़ में पहाड़-8

अगले दिन यानी ‘सिर-खुरी’ की सुबह से ही आंगन में महिलाएं बहुत बड़े घेरे में झूमते हुए भ्वैंनी गा रही थीं। उनमें …

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आषाढ़ में पहाड़-5

ऊपर छत के आरपार बरामदे में पत्तलें बिछा कर पतिया अतिथियों को खाना परोस रहा था। एक बार के अतिथि खा कर …