सेमल के फूल

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सेमल के फूल बड़ी-बड़ी, खुली हुई मांसल पंखुड़ियों वाले होते हैं जिसके बीच में लंबी तीलियों से पुंकेसरों का गुच्छा होता है। सेमल के फूल प्रायः चटख लाल रंग के होते हैं लेकिन कहीं-कहीं पीले और हल्के रंग के फूल भी दिखाई देते हैं। संस्कृत के प्राचीन ग्रंथों में इसे शाल्मलि कहा गया है। लेकिन, पलाश को ढाक या टेसू भी कहते हैं। इसे संस्कृत में किंशुक भी कहा गया है जिसका अर्थ है शुक या तोता। पलाश के फूलों की पंखुड़ियां तोते की चोंच की तरह ही मुड़ी हुई होती हैं। इसके चटक, सिंदूरी फूल दूर से जंगल में आग की तरह दिखाई देते हैं। इसलिए इसे जंगल की ज्वाला भी कहा गया है।

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