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August 2015

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पावस में पहाड़

बारिश में नहाए पेड़ों और पहाड़ों को छुए, घाटियों से ऊपर उठ कर यहां-वहां तैरते और पहाड़ों को अपने आगोश में लेते …

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भीष्म जी के सौ वर्ष

सौ वर्ष के हो गए हैं भीष्म साहनी जी। ‘हैं’ इसलिए क्योंकि भीष्म जी जैसे लोग कभी विदा नहीं होते। वे धरती …

एडेनियम

कल्पतरु की छांव में

पहले मुझे भी कहां पता था कि वहां मेरी मुलाकात दिल्ली के मेधावी छात्रों और विज्ञान के लिए समर्पित शिक्षकों के साथ …