पहाड़ में ‘मेरी यादों का पहाड़’

नराई यानी खुद, मतलब किसी का शिद्दत से याद आना। तो, इस बार ‘मेरी यादों का पहाड़’ की नराई लगी अल्मोड़ा में उत्तराखंड सेवा निधि को। और, एक दिन दूर पहाड़ से दिल्ली में कमल का फोन आया, “उत्तराखंड सेवा निधि, अल्मोड़ा से बोल रहा हूं, कमल कुमार जोशी। हमारे …

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विज्ञान के मनोहरश्याम जोशी

आज (9 अगस्त) प्रसिद्ध लेखक मनोहरश्याम जोशी जी का  जन्मदिन है। विज्ञान लेखकों की जिस पीढ़ी ने सन् साठ-सत्तर में लोकप्रिय पत्रिका …

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लो फिर बहार आई

  दक्षिण भारत में बारह वर्ष बाद फिर बहार के दिन आ गए हैं। पश्चिमी घाट की ऊंची पहाड़ियों पर प्रकृति अपनी …

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2050 की दुनिया

  इक्कीसवीं सदी के मध्यकाल में खड़ा हूं। चकित होकर देख रहा हूं चारों तरफ कि कितनी बदल गई है यह दुनिया! …

लियोनिंड उल्कावृष्टि

वह धातु इस धरती की नहीं

यह खबर पढ़ कर मैं हैरान रह गया था कि जर्मनी के वैज्ञानिक डा. एल्मर बुकनर और उनके सहयोगी वैज्ञानिकों ने धातु …

पहरे पर टैडी

बालकनी में बिटिया की बगिया का नौ-बजिया खतरे में है। और, खतरा भी किससे? सीधे-सादे कबूतर से! पहले पता नहीं था कि …